How to cope with distractions ?

How to cope with distractions ?



What is distraction ? 
First we understand this! A person, seeing or feeling something! Before that, any person with whom he has a bad experience causes distraction! suppose you have failed many people, can be related to business, have gone somewhere, whenever you have gone to the stage for public speaking and fear of having a bad experience! Someone goes to the stage to speak to someone,Someone has removed some flaws (two betas will not be able to get from you!) You are trying to speak good, but there is a person sitting there, who has said something negative or reduced the confidence, that incident will make your retarded. Sends the signal, and it's all in the loop! And it starts coming to my mind, how can I do this and that becomes the reason for destitution! If you are being told, as a public speaker, if someone speaks to you (go much further), you get confidence, the mind pops up, and you are able to do what you were already doing!

Need a clear direction!
Distraction and direction will be inversely proportional if the direction is fast, the distraction will decrease, if the distraction is fast, the focus will decrease on the direction! Increase Direction: Destruction will decrease automatically. This strategy will help in achieving your Goal!

Social media distraction!
The survey showed that the reason for the distraction of 58% of people is social media, mobile, social media should be used from work to work, the more time you spend with them, the more you will stay with negative thoughts, it is your focus build, let it be used If it is, then work with your business, you will do it when you need it, use your time without any means, do not waste, time is limited, use it properly!

Due to distraction !
Thoughts without meaning.
.unknown fear.
.speechless entertainment.
.Useless work that has no meaning in real life.
.The nonsense going on in the brain.
.social media is a big enemies of success, If used excessively so then.


व्याकुलता  होती क्या है ? 
पहले हम ये समझते हैं ! किसी व्यक्ति ,वस्तु  को देखके या उसको महसूस  करके ! पहले से किसी ऐसे वस्तु को जनता हो जिसके साथ उसक ख़राब अनुभ रहा हो वो डिस्ट्रक्शन का कारण बनता ! मान लीजिए  कोई इंसान कई वार फ़ैल हो गया वो कोई व्यापार से रिलेटेड हो सकता ,किसी  जगह गया हो ,जब  कभी  भी  स्टेज पे गए हो पब्लिक स्पीकिंग के लिए और वहां खराब अनुभव रहा हो उसका डर ! वो दोवारा से स्टेज पे जाता है बोलने किसी किसी ने कुछ खामियां निकाली हो रहने( दो बीटा  तुमसे से नहीं  हो पाइयेगा !) आप अच्छा बोलने की कोसिस करते  ही  हो ,लेकिन वहीँ वो इंसान बैठा दिख गया , जिसने कुछ निगेटिव बोला या  कॉन्फिडेंस  को कम किया था, वो  घटना आपके मंद को सिग्नल भेजती है , और ये सब लूप में होता है ! और दिमाग में आने लग जाता है में कैसे कर सकता हूँ  और यही डिस्ट्रक्शन का  कारण  बन जाता है ! अगर कही जा रहे हो ,एक सार्वजनिक वक्ता के रूप में , अगर आपको किसी ने बोला (बहुत आगे जाओगे ) तो आत्मविश्वास आता है , दिमाग पॉपअप होता है , और पहले से  बहुत अच्छा कर  पाते हो जो आप करने वाले थे !

साफ़  दिशा चाहिए !
व्याकुलता और दिशा विपरीत आनुपातिक होगी अगर दिशा तेज़ होगी व्याकुलता घट जाएगी ,अगर व्याकुलता तेज़ होगी दिशा पे फोकस घट जायेगा ! डायरेक्शन तेज़ करो डिस्ट्रक्शन अपने आप घट जायेगा यही स्ट्रेटजी आपके गोआल को प्राप्त करने में मदद करेगी ! 

सोशल मीडिया पर व्याकुलता !
सर्वे में पता चला है की 58 % लोगों के  distraction का  कारण सोशल मीडिया, मोबाईल है ,सोशल मीडिया को काम से काम इस्तेमाल करना चाइये , इनके साथ जितना टाइम बिताओगे उतने ही नेगेटिव थॉट से  रहोगे ये आपका फोकस बिल्ड है होने देंगी , इस्तेमाल करना ही है तो काम से काम करो , जबजरूरत हो तब करोगे , बिना मतलब के अपने समय को उपयोग करो बर्बाद नहीं , समय लिमिटेड है उसका सही इस्तेमाल करो ! 

व्याकुलता के कारण !
.बिना मतलब के  विचार।
.अज्ञात भय 
.अवाक मनोरंजन।
.बेकार का काम जिसका वास्तविक जीवन में कोई अर्थ नहीं है।
.दिमाग में चल रही बकवास।
.सोशल मीडिया सफलता का एक बड़ा दुश्मन है, अगर जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।


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