How ? to stop addiction

How ? to stop addiction !

1. It does not take much time to become an addiction to work,As much as it takes to get away .! because we enjoy the work that we enjoy more and in the same way, when our habit becomes addictive, we do not know when the youth is addicted. Go! So they do the same work with which they get addicted and spend most of their time stuck in their addiction which is wrong for health, which I enjoy them more. And this is also the biggest reason for addiction, in which a person does not have to use his mind and gets everything ready, for example - entertainment, games, social media, what we need to put our minds to entertainment, The answer is no, if the entertainment tool is not used properly, it is as deadly as tobacco addiction! It is also better to use
entertainment for some time, some people use recreation to relax their minds, relieve tension, laugh, it is good if used excessively If not used, then one level is also right! If you get addicted then these also become the cause of your stress. Due to which 50% of the youth are suffering.
Whenever we go into the comfort zone, getting out of it gradually becomes more difficult than before! And on trying to get out of it, a person starts feeling restless, discomfort because our mind has changed into habit!!

2.If I talk about this time, the biggest addiction of today's youth is to be active on mobile, social medias, and social media for many hours, which has nothing to do with personal life, we can live well without being active on soil media. is . , Now even though we are not able to stay away from it, our brain knows that our body will be damaged due to excessive use. , The eyes are damaged by the blu ray, more than the mobile, it makes us feel anxious, sometimes it becomes a family problem, now we are not able to leave it because our mind has become used to it, in a way Say that addiction has become a bad addiction, even sitting in one position in a position causes our body muscles to swell, this is also a matter of concern for the eldest,…. Addicted to many youth games, So that they do not have time to eat that they are alive, and spend many hours playing games on their mobile, sometimes when there is something wrong with the eyes with some body, to leave Cossis also deletes the game, but restores it back, this leads to stress, loneliness, discomfort in the brain! Because no addiction quits as quickly as it was easy, there is a solution to this problem! Yes, it is also good, if you want, you can get rid of it!
How to stop addiction ?Solution !
3. We told you how to get addicted to any work, and understand how to solve this problem!We understand from the beginning how this addiction game was addictive. Wasn't she addicted when there was no railroad information from any work? We try to run away from the mind which relates the body to our mind. Again and again our mind starts meditating on it! And we fall in this trap of this comfort! You will remember when you play the game for the first time in mobile and you lose it, so what does Again feel like playing that game, we feel like wasting extra time! Then once again play the same game, and unfortunately win, then slowly become habitual addiction, now the solution to this problem is also hidden in this, sometimes what happens is the problem is considered as big as it is I am not that big! By the way, during the habit of any thing that would become a regulator in our mind, then the brain would feel better without it and we get upset! I am addicted to playing games in mobile, delete the game once or two, without it the mind and your mind your body will feel uncomfortable, and it is also permissible to do this in the initial time, because the work that gets used to it slowly It is removed from your understanding, know about the loss of it and then slowly your mind will be fit again in Goal. ,, He is said to have no empty mind devil's house, when empty then playing games, using soil media, playing mobile, entertaining the idle in which nothing is more than fun but still see many many hours Stick to mobile You practice practicing DND mode (Do not disturb) It will slowly get used to this. Apply the good habit inside you, because the input that is disrespected will be output. To get rid of mobile addiction or any addiction is very easy for human being, just because the reason is caught, you will!
Survey !
 According to a survey of top hospitals says youths are showing behavioural addiction to internet on smartphones. About 56 percent of the respondents had atleast one smartphone addiction. Behavioural problems like lack of sleep, stress, anxiety, depression are becoming commonplace.

These stats would suggest that over 60 years a man's risk of developing a brain tumor from cell phone use then increases from 0.206 percent to 0.621 percent, and a woman's from 0.156 percent to 0.468 perce. Chanches 
How to stop addiction ?

हिंदी में !

1. कोई काम को लत बनने मैं ज्यादा टाइम नहीं लगता है, जितना उससे दूर होने में लगता है, क्यूंकि हमे जिस काम को करने मैं ज्यादा मजा आता है हम उसी मैं कंफर्ट हो जाते हैं और धीरे धीरे हमारी आदत कब लत बन जाती है हमें पता ही नहीं चलता है ,जब युथ आदी  हो जाते हैं  ! तो वो उसी काम को बार करते हैं जिस काम से वो एडिक्टेड हो चुके हैं और अपना  ज्यादातर समय अपनी लत मैं फँसके गवाते हैं जो की गलत है स्वास्थ्यके लिए , जिस मैं उनको ज्यादा मजा आता हैं।! और लत लग जाने का सबसे बड़ा कारण ये भी है जिसमें  इंसान को अपना ज्यादा दिमाग का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है  और सबकुछ तैयार मिलता है, जैस की---- मनोरंजन, गेम ,सोशल मीडिया हमें मनोरंजन के लिए क्या दिमाग लगाने की जरूरत है, उत्तर है नहीं, अगर मनोरंजन के टूल का भी सही इस्तेमाल नहीं किया जाये तो वो उतने ही घातक है जितने की तमबाकू की लत ! मनोरंजन का इस्तेमाल एक कुछ समय के लिए किया तो बेहतर भी है ,कुछ लोग मनोरंजंन का इस्तेमाल अपने दिमाग को रिलेक्स ,तनाव को दूर करने के लिए, हँसने  के लिए करते हैं ,जरूरत पे इस्तेमाल किया जाये तो अच्छा है ,अगर जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करें तो एक स्तर पे सही भी हैं ! अगर लत लग जाती है तो यही आपके तनाव का कारण भी बन जाते हैं। जिससे 50% कई युवा पीड़ित हैं!!
जब भी हम कम्फर्ट जोन में चले जाते हैं तो उससे बाहर निकलना धीरे धीरे पहले से  मुश्किल होता चला जाता हैं! और उससे बाहर निकलने की कोशिश करने पर इंसान को बेचैनी ,असुविधा महसूस होने लग जाती है क्यूंकि हमारा दिमाग, आदत मैं परिवर्तित हो गया होता है  !

2.अगर इस समय की बात करूँ तो आज का युवा की सबसे बड़ी लत है मोबाइल ,सोशल मेडिअस ,और सोशल मीडिया पर कई घंटों एक्टिव रहना , जिसका निजी जिंदगी से कोई वास्ता नहीं हम सॉइल मीडिया पे एक्टिव रहे बिना भी वही  ज़िंदगी अच्छे से चल सकती है । ,अब इससे चाहते हुए भी दूर कैसे नहीं रह पाते हैं हमारे दिमाग को पता होता है की ज्यादा इस्तेमाल से हमारे शरीर को नुक्सान होगा। ,आँखों को ब्लू रे से नुक्सान होता है,  मोबाइल के ज्यादा इससे हमारी आँखों पे फर्ल्क पड़ता,  कई बार ये फॅमिली प्रॉब्लम भी बन जाता है ,अब इसको छोड़ इस लिए नहीं पाते से हैं  हमारे दिमाग को इसकी आदत पड़ चुकी है, एक तरह से कहलो खराब लत बन चुकी होती है , यहाँ तक की एक पोजीशन मैं एक जगह बैठे रहने से हमारी शरीर की मांसपेशियां अकड़ जाती है, यही सबसे बड़ी की चिंता का विषय भी हैं , ....... कई युवा गेम्स से अडडेक्टेड हो जाते ,इतने की उनको खाने तक का समय नहीं जिससे वो जीवित हैं ,  और कई घंटे अपने मोबाइल पे गेम खेल के बिता देते हैं , कई बार जब लगता है की कुछ शरीर के साथ आँखों के साथ कुछ गलत हो रहा है ,छोड़ने की कोसिस भी करते हैं गेम को डिलीट भी कर देते हैं , लेकिन उसको वापस से पुनर्स्थापित कर लेते है, इससे दिमाग मैं तनाव ,अकेलापन ,असुविधाजनक महसूस होने लग जाता है ! क्यूंकि कोई भी लत इतनी जल्दी से नहीं छूटती है जितनी आसानी से लगी थी, इस समस्या का समाधान है ! हाँ अच्छी बात ये भी है अगर चाहो तो इससे छुटकारा पा सकते हो !

3. उपाय !
हमने बताया की कोई भी  काम की लत कैसे पड़ जाती है, और इसको समझ के कैसे इस समस्या का समाधान निकलते हैं !हम शुरुआत से समझते हैं की लत के इस खेल को लत पड़ी कैसे ? क्या जब किसी भी काम से रेलटिड जानकारी नहीं होती तब क्या वो लत थी नहीं थी ! जो काम हमारे दिमाग को बॉडी को रिलेक्स करता है हम उसी की तरफ भागने की कोसिस करते हैं।  बार बार हमारा दिमाग उसकी तरफ ध्यान बनाने लगता है ! और हम इस कम्फर्ट के इस जाल मैं फास जाते है ! आपको याद होगा जब आप पहली बार मोबाइल में गेम खेलते हैं और उस मैं हार जाते हो  तोह क्या दोवारा वो गेम खेलने का मन करता है नहीं करता है , हमें फ़ालतू समय बरबाद करने जैसा  लगता है ! फिर एक बार वही गेम को दोवारा खेलते हैं ,और दुर्भाग्य से जीत जाते हैं , फिर धीतरे धीरे आदत से लत बन जाती है ,, अब इस समस्या का उपाय भी इसी मैं छुपा है कभी कभी क्या होता जिस समस्या को जितना बड़ा समझते हैं असल मैं वो उतनी बड़ी होती नहीं है ! जिस तरह से  कोई  भी चीज आदत के दौरान जो हमारे दिमाग मैं रेजिटर हो जाती फिर दिमाग उसके बिना तनाब महसूस करता और हम परेशान हो जाते हैं ! मोबाइल मैं  गेम खेलने की लत है एक बार गेम को डिलीट करो एक दो बहार इसके बिना दिमाग और आपका मन आपका शरीर असुविधाजनक महसूस होगा ,और शुरुआती समय ऐसा होता भी होना जायज भी है ,क्यूंकि जिस काम की आदत पड़ जाती है उसको धीरे धीरे अपनी समझ से दूर किया जाता है , उसके बारे मैं उससे होने वाले नुक्सान को भाँपो और फिर धीरे धीरे आपका दिमाग फिर से गोआल मैं फिट हो जायेगा। ,,वो  कहा है न किसी  खली दिमाग शैतान का घर , जब खाली होते तो गेम खेलना ज्यादा समय तक सॉइल मीडिया इस्तेमाल करना ,मोबाइल चलाना, फालतू का मनोरंजन करना जिसम्मे मजे के आलावा कुछ नहीं होता है लेकिन फिर भी देखते हैं  कई कई घंटों मोबाइल पे चिपके रहते है !  आप DND मोड लगाने की प्रैक्टिस करो (डू नॉट डिस्टर्ब ) धीरे धीरे इस की आदत पड़ जायेगी अच्छी आदत को अपने अंदर लागू करो !क्यूंकि जो इनपुट अनादर जाएगा वही आउटपुट बाहर आएगा ! मोबाइल की लत से या किसी भी लत से छूटना  वैरी इजी  है इंसान के लिए , बस कारण पकड़ में आ गया आप कर जाओगे !
how to stop addiction ?

शीर्ष !शीर्ष अस्पतालों के सर्वेक्षण के अनुसार ,युवा स्मार्टफोन पर इंटरनेट के लिए व्यवहारिक लत दिखा रहे हैं। लगभग 56 प्रतिशत उत्तरदाताओं को कम से कम एक स्मार्टफोन की लत थी। नींद की कमी, तनाव, चिंता, अवसाद जैसी व्यवहार संबंधी समस्याएं आम होती जा रही हैं।


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