Warning pollution in India is fighting with pollution 2020

Warning:- India is fighting against the pollution. 2019

Delhi Air Pollution: Real-time Air Quality Index 
India is fighting against pollution

pollution
According to the air of India, many cities of India are struggling with this deadly problem, it is very important to get rid of this problem, it is not necessary to remove it, but to take it as a responsibility, take it as a duty, pollution In this way, we will continue to ease everyone breath, and will reduce our lives, and particulate matter PM2.5 and PM10 will suffocate human life. Yunki be we all will not be the same, how we were busy to be able to speak was busy earning money to solve the Problem of Life I can work on together pollution and say. .


It is not the responsibility of nature to hold the balance of life, it is also our duty to preserve life. Nature is safe, so we are all safe!

delhi NCR's pollution level has become dangerous, according to Air Quality Index (AQI) 0-50 pollution level is worth living, there is no fear, if the pollution level reaches 100 then it can become unhealthy but not with fresh air. Right now the pollution level of Delhi NCR has been very dangerous from 456 to 500, you can imagine yourself and it is slowly increasing,
India is fighting against pollution

We must take small steps only at the smallest level " least use of plastic " We will definitely plant one to two plants " We will use pappers least " Now it comes from planting a plant What will happen if you tell us, we are all surveying. 133.92 crores (2017) means 133.92 crores plants. If we all plant two plants together. 267.84 crores plants wow amazing .. now so many trees will reduce pollution some pollution level can be 200 as well .. !! I cannot do this alone but it is not that I cannot do anything, we all will plant trees together and these trees will save us..You do not have to fight for it, you have to fight for it, do not forget it; you do not get anyone like this !!

Jab bhi main kahin bahar ghumne jata tha toh ek word kahi na kahi dikh hi jata tha wo bhi kai transport pe likha hua aur uska aaj sahi main matlab samjh main aaya """zindgi rahi toh phir milnge""" 

iska mtlb pollution khatm hua toh phir milnge 

Books on pollution in india


Reason..

The winds are becoming poisonous and we all have to hand them over somewhere!
Our light festival Deepawali.
We all buy crackers worth millions every year! Due to which our money is wasted, due to which loss of water is damaged which directly affects our lives! This polluted air has a direct effect on nature and life, then it includes everyone, animals, birds, flowers, fruits, then why is it humans, they harm everyone!
stubble burning ..
As far as technology makes our work easier, saves time and saves human effort, it creates a big problem for human beings due to which physical changes happen, which living things have to bear the brunt of it!
Yes, technology makes a lot of human work easier, but many times more human civilization would damage its way of working, and a person who works for 7 to 8 hours cannot reduce from 7 to 5 hours because he Have taken the help of comfortzone, due to which a human being can not even do that effort!
And due to all this, the ratio of pollution increases. Which reduces and affects the lifeline of all human nature items from human life !!

Bitter truth

If the level of pollution keeps increasing like this, then one day, wearing an oxygen cylinder will come around, it will become difficult to breathe! If we have to save the breath, then we have to understand this, all of us can live without firecrackers on Diwali. Plastic works can live without working, but life without trees is not possible without nature! But still we give less to nature and to life
Going on making it even harder!!

To tackle climate change, let's start planting trees. Get on with life as soon as possible. I started so please be a part of it !!!



हिंदी मैं 
 प्रदूषण !

जानलेवा होती जा रही है इंडिया की हवा ऐ क्यू आई  के अनुसार इंडिया क कई सिटी इस जानलेवा परेशानी से जूझ रहे है इस परेशानी का समाधान निकलना बहुत जरूरी है निकालना जरूरी नहीं बल्कि एक जिम्म्मेदारी की तरह लेना चाइये एक ड्यूटी की तरह लेना चाइये , प्रदूषण इस तरह ही हम सबकी सांसों को कम करता रहेगा , और  हमारी  ज़िंदगियों  को साँसों को कम करता रहेगा  और PM2.5 & PM10 इंसान का  दम घोंटता रहेगा लाइफ इस फर्स्ट क्यूंकि JAB हम सब ही नहीं रहेंगे तो ,कैसे  बोल सकेंगे की हम बिजी थे पैसे कमाने बिजी थे लाइफ की प्रोब्लेम्स को सुलझाने मैं हम सब मिलकर प्रदूषण पे कार्य कर सकते है  और कहेंगे भी। .

सिर्फ प्रकृति  की जिम्मेदारी नहीं है ज़िंदगी के संतुलन  को थामे  रखने की ये हम सबका भी फ़र्ज़ है ज़िंदगी को बचाये रखने का। प्रकृति सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित है ! 

दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण स्तर खतरनाक हो चुका है AQI के हिसाब से 0-50 प्रदूषण स्तर रहने लायक होता है मतलब कोई डर नहीं  ,प्रदूषण स्तर 100 तक पहुंच जाता है तो Unhealthy हो जाता है Survive कर सकते हो लेकिन ताज़ी हवा के साथ नहीं। अभी दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण स्तर 500 मैं
से 456 बहुत ही खतरनाक स्थिति हो चुकी है ,आप खुद कल्पना कर सकते है और ये धीरे धीरे बढ़ रहा है 

हमें छोटे छोटे स्तर पर ही सही छोटे छोटे कदम जरूर उठाएंगे "प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल" हम एक से दो पौधे जरूर लगाएंगे "पप्पेर्स का कम से कम इस्तेमाल करेंगे" अभी सबाल आता है एक पौधा लगाने से क्या हो जायेगा तो बतादें आपको हम सब कुछ सर्वे के अकॉर्डिंग  133.92 crores (2017) है  मतलब 133.92 crores पौधे।।।   हम सब मिलकर अगर दो पौधे लगाते हैं। 267.84 crores पौधे wow amazing ...... अभी इतने सारे पेड़ कुछ तो  प्रदूषण को कम करेंगे  प्रदूषण स्तर 200 भी हो सकता है चांचेस हैं..!!  मैं ये अकेले नहीं कर सकता लेकिन ऐसा नहीं ही की मैं कुछ भी नहीं कर सकता  हम सब मिलकर पेड़ लगाएंगे  और ये पेड़ हमे बचाएंगे। .. मांगे से कुछ नहीं मिलता उसके लिए लड़ना पड़ता है  ये नहीं भूलना सांसे यूँही नहीं मिलती किसी को सुरछित रखना पड़ता हैं !!

कारण। 

हवाएँ जहरीली होती जा रही हैं और कहीं न कहीं उन्हें बढ़ावा देना हम सभी का हाथ है!
Our light festival Diwali.
हम सब हर साल लाखों के पटाखे  खरीदते हैं ! जिससे हमारे पैसे बर्बाद होते ही हैं  जिसके कारण  वाताबरण को नुक्सान पहुंचता हैं जिसका सीधा असर हमारी ज़िंदगियों पे पड़ता है ! ये  प्रदूषित वायु प्रकृति एवं जनजीवन पर सीधा असर करती है ,फिर इसमें शामिल वो चाहे जानवर ,पक्षियों, फूल ,फल ,फिर वो इंसान ही क्यों न हो सबको नुकसान पहुँचाती है !
Stubble burning. 
जहाँ तक टेक्नोलॉजी हमारे काम को आसान बनाती , समय बचाती है और मानव प्रयास को ज्यादा लगने से बचाती है , वहीँ  इंसान के लिए बड़ी समस्या का निर्माण करती है जिसके कारण भौतिक बदलाव होते हैं, जिससे जीवित बस्तुओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है ! 
हाँ टेक्नोलॉजी इंसान का बहुत सा काम आसान करती हैं ,लेकिन उससे कई गुना ज्यादा इंसानी सभय्ता को नुक्सान पहुँचती  उसके काम करने के तरीके को बदल देती  और जो इंसान 7 से 8 घंटे काम करने वाला इंसान ४ से  ५ घंटे कम नहीं का सकता क्यूंकि वो comfort zone की सहारा ले चुका  होता है , जिसके कारण इंसान जो एफर्ट कर सकता वो भी नहीं कर सकता !
और इन सब के कारण  प्रदूषण का ररटीओ बढ़ जाता है  दखते दखते खतरनाक रूप धारण कर लेता है! जो इंसानी ज़िंदगी से लेके सारी प्रकृति वस्तुओं  की Lifeline को कम कर देती हैं व  प्रभाबित करती है!

India is fighting against pollution

कड़वा सच -
ऐसे ही प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा तो एक दिन ऑक्सीजन  सिलेंडर पहन के घूमने की नौबत आ जाएगी सांस लेना दूभर हो जायेगा ! अगर सांसों को बचाना है ,तो इस बात को समझना ही होगा हम सब
दीवाली पे पटाखों के बिना रह सकते। प्लाटिक का इस्तेमाल कम से कम किये बिना भी रह सकते हैं!
लेकिन पेड़ों के बिना नेचर की बिना जीवन संभव नहीं है ! लेकिन फिर भी प्रकृति को  एहमियत कम देते हैं और जीवन को और भी कठोर बनाते चले जा रहे हैं !

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए, आइए पेड़ लगाना शुरू करें। यथाशीघ्र और जीवन को आगे बढ़ाएं! मैंने शुरू का दिया कृपया आप ही इसका हिस्सा बने !!! 


WARNING 2022 YEAR! 

Photos from Wikipedia 


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3 Comments

  1. To join me with this initiative follow me like and comment and tell me how the post looked! motivationsign.com

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  2. How does human brain work? Like many content are available here.I started my career as a BCA then MCA Graduation will be completed! I am working on writing a book. .. I would definitely like to show you a little glimpse of the book on the basis of nature!

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