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story in hindi

कई चीटियों का झुंड नए घर की तलाश में अपने परिवार और अंडों को लिए थोड़ी ऊंची चट्टानों की तलाश में आगे बढ़े जा रही थी !, कुछ भोजन,और तिनकों  को लिए जो घर बनाने के काम आ सके! लिए चलीं जा  रही थी ! कुछ चीटियां  थक जाती, तो वह अपने ही  ग्रुप की चीटियों उन अंडों और कुछ तिनकों  को लिए आगे बढ़ती रहती ,और यह सिलसिला चलता जा रहा ! 

लेकिन उनमें जो उत्साह देखने को मिला वह लाजवाब था !और उनमें जो चाह थी और आपस में आप निस्वार्थ मिलजुल कर काम करने की क्षमता दिखी !और उनमें आपस में प्यार वह तारीफे काबिल था, वह धीरे-धीरे आगे बढ़ती ही रही और थोड़ी दूर आगे बढ़ ही रही थी कि अचानक से हवा का एक झोंका  आया और सभी चीटियों को अलग-अलग उड़ा दिया उनकी मेहनत से लाए तिनकों  और अंडों को इधर-उधर  बिखेर, फेंक दिया उस हवा ने और कुछ समय बाद हवा थोड़ी सी थमी फिर से चीटियों का झुंड एक बार फिर से इकट्ठा होकर आगे बढ़ने लगीं  कुछ समय बीता ही था कि एक इंसान का बच्चा आया उन चीटियों का झुंड उसके पैरों तले कुचल गया उनमें अंडे बच्चे चीटियां और सब की मौत हो गई! वहीं दूसरी ओर एक और चीटियों का झुंड  चट्टान की तलाश में आगे बढ़े जा रही थी लेकिन दूसरा झुंड उनसे एकदम विपरीत कह सकते हैं आपस में कोई हमदर्दी नहीं !, 

अकेली चीटियां अपने अपने अंडों को लिए कुछ तिनकों के टुकड़ों को लिए आगे बढ़ी जा  रही थी ,,धीरे-धीरे झुंड की सभी चीटियां एक दूसरे की मदद करने की बजाय एक-दूसरे से झगड़ रही थी ! और अकेले अकेले  अंडों को  तिनकों को ले जाने के कारण काफी थक चुकी थी !  लेकिन उसके बावजूद भी कोई भी चींटी एक दूसरे की मदद नहीं कर रही थी! वे अपने आप को एक दूसरे से बेहतर दिखाने की कोशिश में लगी हुई थी!

चींटी पहले अंडों को को एक एक करके  एक जगह से दूसरी जगह रखतीं ,फिर तिनकों को वारी वारी  करके उठातीं अण्डों को रख के ,फिर दुसरे अण्डों को उठातीं और तिनकों  को जिससे उन्हें घर बनाना था ,ये सब चल ही रहा था ,तभी वो इंसान के बच्चे ने अपना अगला पैर आगे बढ़ाया, तो दूसरा वाला चिटिओं का झुण्ड भी बच्चे के पैरों तले कुचल गया ,और उस दूसरे वाले झुण्ड की सभी चिटिओं की मौत हो गयी !

और चिटिओं के दोनों झुण्ड ने उनके जीवन को खो दिया,

इसी तरह से इंसान भी एक दूसरे से बेहतर बनने की होड़ में ,आगे बढ़ने की की होड़ में , अपना सारा जीवन खफा देता है ,वजाय अपनी ज़िंदगी जीने के 'आगे बढ़ो' लेकिन सबकी मदद करते चलो !

लाइफ के कुछ पल भी बचे होते है ,तभी भी इंसान ये कहता उसने ऐसा किया ही क्यों था  ,,,है ना , कुछ इंसान आगे बढ़ते हैं सभी की मदद करना खुशियां बाँटना, ये भी सबका काम है , ऐसे सभी  लोगों को धन्यवाद , खुश रहो, याद रहे हर इंसान इस यूनिवर्स में सबसे अलग है  हर इंसान में कुछ न कुछ अलग टैलेंट होता है, जो किसी  से नहीं मिलता जुलता  है , आप सबसे  यूनिक हो , दूसरों जैसा बनने की इस कोशिश में कुछ हासिल नहीं होता !

कुछ इंसान जो हूबहू आपकी तरह दिखते हैं  , लेकिन व इस खूसूरत प्रकृति को देख नहीं सकते क्यूंकि देखने के लिए उनके पास आंखे नही है ,हम उनसे तो सक्छम हैं  ,हम सब देख सकते हैं ,हम खुश हैं

पूरी कहानी 

दोनों चींटियों के झुंड की समस्या सामान थी , कठनाइयां सामान थीं ,सबका परिश्रम सामान था ,फिर भी एक चिटिओं  का झुण्ड आपस में खुशियां बाँट के मद्दद करके परिस्थति का सामना कर रहा था ,,,,वहीँ दूसरी तरफ एक दूसरे से लड़ झगड़ के आगे बढ़ रहि थीं, एक दूसरे को जज कर रही थीं ,जब दोनों की समस्याएं एक थीं अंजाम एक ही है तो खुशियां बांटते रहो और खुश रहो !

Story in hindi | inspirational stories in hindi.

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 Author: by shubham 


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